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90s Bollywood forgotten stars : हर बॉलीवुड सुपरस्टार की यही चाहत होती है कि उसका बेटा भी इंडस्ट्री में राज करे. बॉलीवुड के हर सुपरस्टार ने अपने बेटे को लॉन्च किया. यह अलग बात है कि किसी को इंस्टैंट कामयाबी मिली तो कोई सुपरफ्लॉप रहा. 90 के दशक में तीन साल में ऐसे ही चार एक्टर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया. तीन के पिता सुपरस्टार थे. एक के दो भाई बॉलीवुड के जाने-माने चेहरा था. इन चारों में से तीन की डेब्यू फिल्म फ्लॉप रही थी. सिर्फ एक की फिल्म सुपरहिट रही थी. चारों का करियर बतौर हीरो फ्लॉप रहा. फ्लॉप होकर भी आज दो एक्टर बॉलीवुड में दर्शकों के दिल में राज कर रहे हैं. ये चारों एक्टर कौन हैं, आइये जानते हैं………
90 के दशक में बॉलीवुड के कई सुपरस्टार ने अपने बेटों-भाइयों का करियर बनाने के लिए उन्हें ग्रांड तरीके से लॉन्च किया. अच्छी सी स्क्रिप्ट चुनी. खुद प्रोड्यूसर बने. तीन साल के अंतराल में ऐसे ही चार एक्टर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया. तीन के पिता सुपरस्टार थे. चार में से तीन की डेब्यू फिल्म फ्लॉप रही. सिर्फ एक हीरो की किस्मत ने साथ दिया था और पहली फिल्म से ही तहलका मचा दिया. आगे चलकर चारों का करियर डूब गया. दो एक्टर ने हिम्मत दिखाई और फिर से इंडस्ट्री में जगह बनाई. आज दो फ्लॉप एक्टर फिर से बॉलीवुड में छाए हुए हैं. पूरे जमाने को अपनी एक्टिंग से दीवाना बना लिया है. दो एक्टर गुमनाम जिंदगी जी रहे हैं. ये एक्टर हैं : संजय कपूर, बॉबी देओल, अक्षय खन्ना और फरदीन खान. आइये जानते हैं चारों एक्टर के करियर से जुड़ी दिलचस्प बातें…….

सबसे पहले बात करते हैं फरदीन खान की जिन्होंने 1998 में ‘प्रेम अगन’ फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इस फिल्म के राइटर-डायरेक्टर-प्रोड्यूसर फिरोज खान थे. 30 अक्टूबर 1998 को रिलीज हुई इस मूवी में फरदीन खान के अलावा मेघना कोठारी और अनुपम खेर लीड रोल में थे. शमा सिकंदर, संजय मिश्रा, राज बब्बर, बीना बनर्जी, अरुणा ईरानी और राकेश बेदी जैसे सितारे थे. इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी. फरदीन खान ने ‘जंगल’, ‘लव के लिए कुछ भी करेगा’, ‘ओम जय जगदीश’, ‘जानशीन’ और ‘देव’ जैसे फिल्में कीं. ये सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं. फरदीन खान का करियर पटरी पर आ ही नहीं पाया. 2005 में फिदा और नोएंट्री मूवी में उनके रोल को सराहा गया. नोएंट्री बॉक्स ऑफिस पर सफल रही लेकिन इसका क्रेडिट फरदीन को नहीं मिला.

फ्लॉप फिल्मों का सिलसिला यहीं पर नहीं रुका. आगे चलकर शादी नंबर वन, एक खिलाड़ी एक हसीना, प्यारे मोहन, आर्यन, जस्ट मैरिड जैसे फिल्में कीं लेकिन नसीब ने साथ नहीं दिया. मई 2011 में फरदीन खान को कोकीन ड्रग्स खरीदने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया. 2010 से 2023 तक पूरे 13 साल फरदीन खान फिल्मों से दूर रहे. 2024 में उनकी दो फिल्में ‘खेल खेल में’ और ‘विस्फोट’ आईं. दुर्भाग्य से ये दोनों फिल्में भी असफल रही. 2025 में हाउसफुल 5 में भी वह नजर आए. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रही. फरदीन खान की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी बहन का नाम लैला खान है. चाचा संजय खान-अकबर खान भी एक्टर हैं. शाएद खान-सुजैन खान कजिन हैं. 14 दिसंबर 2005 को एक्टर ने नताशा माधवानी से शादी की थी. नताशा माधवानी गुजरे जमाने की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज की बेटी हैं.
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इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं सुपरस्टार विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना जो कि हाल ही में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ मूवी में रहमान डकैत के किरदार में छाए हुए हैं. अक्षय खन्ना ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 4 अप्रैल 1977 में आई फिल्म ‘हिमालय पुत्र’ से की थी. फिल्म की कहानी हनी ईरानी ने लिखी थी. डायलॉग कमलेश पांडेय ने लिखे थे. प्रोड्यूसर विनोद खन्ना थे. फिल्म का डायरेक्शन पंकज पाराशर ने किया था. मूवी में अक्षय खन्ना, अंजला झावेरी, विनोद खन्ना, हेमा मालिनी, डैनी डेन्जोंगपा नजर आए थे. म्यूजिक अनु मलिक का था. फिल्म का एक गाना ‘ना वो इनकार करती है, ना वो इकरार करती है’ पॉप्युलर हुआ था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही. अक्षय खन्ना को बेस्ट मेल डेब्यू का स्क्रीन अवॉर्ड भी मिला था. यह इकलौती फिल्म है जिसमें विनोद खन्ना-अक्षय खन्ना नजर आए.

1997 में ही अक्षय खन्ना की एक और फिल्म ‘बॉर्डर’ आई थी जिसमें उन्हें नोटिस किया गया. यह फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर रही. उन्हें बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला. ‘ताल’ (1999) और ‘दिल चाहता है’ (2001) ने अक्षय खन्ना के करियर को नई ऊंचाई दी. 2003 में प्रियदर्श की फिल्म ‘हंगामा’ में उनके जीतू वीडियोकॉन को भला कौन भुला सकता है. 2002 में आई एक्शन-थ्रिलर फिल्म हमराज और दीवानगी, गांधी माय फादर (2007), रेस (2008) और आक्रोश (2010) में उनकी एक्टिंग की खूब तारीफ हुई.

2010 के बाद अक्षय खन्ना पूरे 9 साल बुरे दौर से गुजरे. इस दौरान उनकी कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी. फि आया साल 2019 जब उनकी फिल्म सेक्शन 375 आई. इस फिल्म से उन्होंने पर्दे पर शानदार कमबैक किया. 2022 में दृश्यम 2 में उन्होंने कमाल की एक्टिंग की और कई जगह पर अजय देवगन पर भारी पड़े. 2025 में अक्षय खन्ना की दो बड़ी फिल्में आईं. छावा और धुरंधर. छावा जहां साल की शुरुआत में फरवरी 2025 में आई तो धुरंधर साल के अंत में 5 दिसंबर को रिलीज हुई. दोनों ही फिल्मों में अपनी पावरफुल एक्टिंग से अक्षय खन्ना ने दर्शकों का दिल जीत लिया है. 2026 में वो ‘इक्का’, महाकाली, सेक्शन 84 में नजर आएंगे. पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने शादी नहीं की है. राहुल खन्ना उनके भाई हैं. उनके पिता विनोद खन्ना ने दो शादियां की थीं.

इस लिस्ट में तीसरा नाम बॉबी देओल का है. बॉबी ने 6 अक्टूबर 1995 में आई फिल्म ‘बरसात’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. बॉबी देओल-ट्विकंल खन्ना लकी रहे कि उनकी डेब्यू फिल्म सुपरहिट निकली. डायरेक्शन राजकुमार संतोषी ने किया था. स्क्रीनप्ले-डायलॉग भी राजकुमार संतोषी ने लिखे थे. स्टोरी भी राजकुमार संतोषी की थी. प्रोड्यूसर बॉबी देओल के पिता धर्मेंद्र थे. म्यूजिक नदीम-श्रवण का था. फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट रहा था. 1997 की गुप्त, 1998 की सोल्जर जैसी फिल्मों से वो स्टार बन गए.

1998 के बाद से अफलता का दौर शुरू हुआ. फिर बॉबी देओल की दर्जनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं. इन फिल्मों में दिल्लगी, हम तो मुहब्बत करेगा, आशिक, अजनबी, क्रांति, चोर मचाए शोर, किस्मत, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो, हम तुमको प्यार है, अलग जैसी फिल्में शामिल हैं. 2011 में यमला पगला दीवाना, प्लेयर्स से उन्होंने फिर से वापसी की कोशिश की. साल 2018 में उनकी किस्मत पलटी. रेस 3 से उनका करियर पटरी पर लौटा. उन्होंने पूरी इंडस्ट्री से खुलकर काम मांगा. अपील काम कर गई. फिर 2019 की हाउसफुल 4 में उनका काम सराहा गया. 2022 का साल बॉबी देओल के करियर का टर्निंग प्वॉइंट रहा जब वो एनिमल फिल्म में रनबीर कपूर के अपोजिट नजर आए. चंद मिनट के रोल में उन्होंने महफिल लूट ली.

इस लिस्ट में चौथा नाम फिल्म निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर के भाई संजय कपूर का है. संजय कपूर सुपरस्टार अनिल कपूर के भाई हैं. संजय कपूर ने 1995 की फिल्म प्रेम से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसी साल उनकी दो और फिल्में ‘राजा’ और ‘कर्तव्य’ आई थीं. राजा में उनके साथ माधुरी दीक्षित नजर आई थीं. इंदर कुमार डायरेक्टर थे. म्यूजिक नदीम-श्रवण का था. यह फिल्म सुपरहिट रही. संजय कपूर रातोंरात स्टार बन गए लेकिन फिर उनकी एक के बाद एक फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने लगीं. संजय कपूर ने राजा फिल्म के बाद ‘बेकाबू’, ‘मुहबबत’, औजार (1996), मेरे सपनों की रानी, सिर्फ तुम (1999), छुपा रुस्तम (2001), कोई मेरे दिल से पूछे, सोच, शक्ति (2002) जैसी फिल्मों में लीड हीरो के तौर पर काम किया लेकिन ये फिल्में उन्हें राजा जैसी कामयाबी नहीं दिला सकीं. 2008 में वो कयामत : सिटी अंडरथ्रेट में निगेटिव रोल में नजर आए. फिल्म चली लेकिन संजय कपूर का करियर नहीं चला. संजय कपूर अभी भी फिल्मों में एक्टिव हैं लेकिन भाग्य उनका साथ नहीं दे रहा.
